दाइमपड़ाहुआतिरेदरपरनहींहूँमैं
ख़ाकऐसीज़िंदगीपेकिपत्थरनहींहूँमैं
क्यूँँगर्दिश-ए-मुदामसेघबरानजाएदिल
इंसानहूँपियालाओसाग़रनहींहूँमैं
या-रबज़मानामुझकोमिटाताहैकिसलिए
लौह-ए-जहाँपेहर्फ़-ए-मुकर्ररनहींहूँमैं
हदचाहिएसज़ामेंउक़ूबतकेवास्ते
आख़िरगुनाहगारहूँकाफ़रनहींहूँमैं
किसवास्तेअज़ीज़नहींजानतेमुझे
लअ'लओज़मुर्रदओज़रओगौहरनहींहूँमैं
रखतेहोतुमक़दममिरीआँखोंसेक्यूँँदरेग़
रुत्बेमेंमहर-ओ-माहसेकम-तरनहींहूँमैं
करतेहोमुझकोमनअ-ए-क़दम-बोसकिसलिए
क्याआसमानकेभीबराबरनहींहूँमैं
'ग़ालिब'वज़ीफ़ा-ख़्वारहोदोशाहकोदु'आ
वोदिनगएकिकहतेथेनौकरनहींहूँमैं