pal men jahaan ko dekhte mere dubo chuka | पल में जहाँ को देखते मेरे डुबो चुका

  - Meer Taqi Meer
पलमेंजहाँकोदेखतेमेरेडुबोचुका
इकवक़्तमेंयेदीदाभीतूफ़ानरोचुका
अफ़्सोसमेरेमुर्देपरइतनाकरकिअब
पछतानायूँँहीसाहैजोहोनाथाहोचुका
लगतीनहींपलकसेपलकइंतिज़ारमें
आँखेंअगरयहीहैंतोभरनींदसोचुका
यकचश्मक-ए-प्यालाहैसाक़ीबहार-ए-उम्र
झपकीलगीकिदूरयेआख़िरहीहोचुका
मुमकिननहींकिगुलकरेवैसीशगुफ़्तगी
उससर
ज़मींमेंतुख़्म-ए-मोहब्बतमैंबोचुका
पायादिलबहाएाहुआसैल-ए-अश्कका
मैंपंजा-ए-मिज़ासेसमुंदरबिलोचुका
हरसुब्हहादसेसेयेकहताहैआसमाँ
देजाम-ए-ख़ून'मीर'कोगरमुँहवोधोचुका
  - Meer Taqi Meer
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