nikle hai chashma jo koi josh-e-zanaan paani ka | निकले है चश्मा जो कोई जोश-ए-ज़नाँ पानी का

  - Meer Taqi Meer
निकलेहैचश्माजोकोईजोश-ए-ज़नाँपानीका
यादवोहैवोकसोचश्मकीगिर्यानीका
लुत्फ़अगरयेहैबुताँसंदलपेशानीका
हुस्नक्यासुब्हकेफिरचेहरा-ए-नूरानीका
कुफ़्रकुछचाहिएइस्लामकीरौनक़केलिए
हुस्नज़ुन्नारहैतस्बीह-ए-सुलैमानीका
दरहमीहालकीहैसारेमिरेदीवाँमें
सैरकरतूभीयेमजमूआ'परेशानीका
जानघबरातीहैअंदोहसेतनमेंक्याक्या
तंगअहवालहैउसयूसुफ़-ए-ज़िंदानीका
खेललड़कोंकासमझतेथेमोहब्बतकेतईं
हैबड़ाहैफ़हमेंअपनीभीनादानीका
वोभीजानेकिलहूरोकेलिखाहैमक्तूब
हमनेसरनामाकियाकाग़ज़अफ़्शानीका
उसकामुँहदेखरहाहूँसोवहीदेखूँहूँ
नक़्शकासाहैसमाँमेरीभीहैरानीका
बुत-परस्तीकोतोइस्लामनहींकहतेहैं
मो'तक़िदकौनहै'मीर'ऐसीमुसलमानीका
  - Meer Taqi Meer
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