us ke kooche se jo uth ahl-e-wafa jaate hain | उस के कूचे से जो उठ अहल-ए-वफ़ा जाते हैं

  - Meer Taqi Meer
उसकेकूचेसेजोउठअहल-ए-वफ़ाजातेहैं
ता-नज़रकामकरेरू-ब-क़फ़ाजातेहैं
मुत्तसिलरोतेहीरहिएतोबुझेआतिश-ए-दिल
एकदोआँसूतोऔरआगलगाजातेहैं
वक़्त-ए-ख़ुशउनकाजोहम-बज़्महैंतेरेहमतो
दर-ओ-दीवारकोअहवालसुनाजातेहैं
जाएगीताक़त-ए-पाआहतूकरीएगाक्या
अबतोहमहालकभूतुमकोदिखाजातेहैं
एकबीमार-ए-जुदाईहूँमैंआफीतिसपर
पूछनेवालेजुदाजानकोखाजातेहैं
ग़ैरकीतेग़-ए-ज़बाँसेतिरीमज्लिसमेंतोहम
केरोज़एकनयाज़ख़्मउठाजातेहैं
अर्ज़-ए-वहशतदियाकरतोबगूलेइतनी
अपनीवादीपेकभूयारभीजातेहैं
'मीर'साहबभीतिरेकूचेमेंशबआतेहैंलेक
जैसेदरयूज़ा-गरीकरनेगदाजातेहैं
  - Meer Taqi Meer
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