agar raah men us ki rakha hai gaam | अगर राह में उस की रखा है गाम

  - Meer Taqi Meer
अगरराहमेंउसकीरखाहैगाम
गएगुज़रेख़िज़रअलैहिस-सलाम
दहनयारकादेखचुपलगगई
सुख़नयाँहुआख़त्महासिल-कलाम
मुझेदेखमुँहपरपरेशाँकीज़ुल्फ़
ग़रज़येकिजातूहुईअबतोशाम
सर-ए-शामसेरहतीहैंकाहिशें
हमेंशौक़उसमाहकाहैतमाम
क़यामतहीयाँचश्म-ओ-दिलसेरही
चलेबसतोवाँजाकेकरिएक़याम
देखेजहाँकोईआँखोंकीऔर
लेवेकोईजिसजगहदिलकानाम
जहाँ'मीर'ज़ेर-ओ-ज़बरहोगया
ख़िरामाँहुआथावोमहशर-ख़िराम
  - Meer Taqi Meer
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