mausam-e-gul aaya hai yaaro kuchh meri tadbeer karo | मौसम-ए-गुल आया है यारो कुछ मेरी तदबीर करो

  - Meer Taqi Meer
मौसम-ए-गुलआयाहैयारोकुछमेरीतदबीरकरो
यानीसाया-ए-सर्व-ओ-गुलमेंअबमुझकोज़ंजीरकरो
पेश-ए-सआयतक्याजाएहैहक़हैमेरीतरफ़सोहै
मैंतोचुपबैठाहूँयकसूगरकोईतक़रीरकरो
कानलगारहताहैग़ैरउसशोख़कमाँअबरूकेबहुत
इसतोगुनाह-ए-अज़ीमपेयारोनाकमेंउसकीतीरकरो
फेरदिएहैंदिललोगोंकेमालिकनेकुछमेरीतरफ़
तुमभीटुकआह-ओ-नालाक़ल्बोंमेंतासीरकरो
आगेहीआज़ुर्दाहैंहमदिलहैंशिकस्ताहमारेसब
हर्फ़-ए-रंजिशबीचमेंलाकरऔरअबदिल-गीरकरो
शे'रकिएमौज़ूँतोऐसेजिनसेख़ुशहैंसाहिब-ए-दिल
रोवेंकुढ़ेंजोयादकरेंअबऐसातुमकुछ'मीर'करो
  - Meer Taqi Meer
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