ye har kothe kii zeenat bolti hai | ये हर कोठे की ज़ीनत बोलती है

  - Meena Bhatt
येहरकोठेकीज़ीनतबोलतीहै
हुईदुश्मनयेक़िस्मतबोलतीहै
उड़ीचेहरेकीरंगतबोलतीहै
बुरीउनकीहैसोहबतबोलतीहै
लबोंपरहोभलेइंकारलेकिन
निगाहोंसेमुहब्बतबोलतीहै
मुसीबतदूरसारीहोगईअब
दु'आओंकीइनायतबोलतीहै
ग़रीबोंकारसदखाजातेअफ़सर
येखोटीउनकीनीयतबोलतीहै
दौलतकीउन्हेंचाहतहैकोई
शरीफ़ोंकीशराफ़तबोलतीहै
उन्हेंहासिलमहारतशा'इरीमें
ग़ज़लमेंआईनुदरतबोलतीहै
नहींहैछूटतीआदतनशेकी
लगीहैजोबुरीलतबोलतीहै
नहींमीनाकोईईमानइनका
यहाँपरसिर्फ़रिश्वतबोलतीहै
  - Meena Bhatt
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