muhabbat men mila mujhko hamesha gham ka nazraana | मुहब्बत में मिला मुझको हमेशा ग़म का नज़राना

  - Meena Bhatt
मुहब्बतमेंमिलामुझकोहमेशाग़मकानज़राना
कहेंक्याग़महीदेताहैमेरेहमदमकानज़राना
छँटीजोतीरगीआईसहरक़ुदरतभीमुस्काई
दियाहैभोरनेहरफूलकोशबनमकानज़राना
हुईमुद्दतनहींबदलाअदूसेबैरकारिश्ता
कईसालोंसेदेतारहामातमकानज़राना
बहारोंकेकहाँदिनहैहमारीज़िन्दगीमेंअब
हमेंहासिलहुआहैदर्दकेमौसमकानज़राना
हमारीहरग़ज़लमेंनूरफैलाहैतुम्हाराही
ख़ुशीकायाकहोइसकोग़मेंपुरनमकानज़राना
बढ़ीरफ़्तारजगकीछूलियाहैचाँदकोलेकिन
जानेक्यूँमिलाकरताहमेंमध्यमकानज़राना
किसीसेपूछकरदेखोयहीमीनाकहेगावो
हमेशाबाँटतेरहतेहैंहममरहमकानज़राना
  - Meena Bhatt
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