bezubaan rakhte nahin nafrat kisi ke vaaste | बेज़ुबाँ रखते नहीं नफ़रत किसी के वास्ते

  - Meena Bhatt
बेज़ुबाँरखतेनहींनफ़रतकिसीकेवास्ते
आदमीरखतेहैंलेकिनआदमीकेवास्ते
आरज़ूकुछऔरइसकोऔरकोईजुस्तजू
बसयेदिलपागलहुआहैआपहीकेवास्ते
मुख़्तसरहैज़िन्दगीतैयारीकरलोहश्रकी
वक़्तकुछअपनानिकालोबंदगीकेवास्ते
हाथसेअपनेतूमुझकोज़हरकाप्यालापिला
गयादीवानातेराख़ुद-कुशीकेवास्ते
मेरीक़िस्मतमेंकहींकोईदियारौशनथा
मैंनेख़ुदकोहीजलायारौशनीकेवास्ते
छोटेकामोंसेनहींमिलतीबुलंदीदोस्तो
कामकुछऊँचाकरोअबबरतरीकेवास्ते
इकझलकतेरीमिलेतोरुख़्सतीहोपुर-सुकूँ
तेरेदरपरआयाहूँमैंबसइसीकेवास्ते
मीर,ग़ालिब,दाग़केजैसेहीमीनानेभीअब
ज़िंदगीअपनीलुटादीशा'इरीकेवास्ते
  - Meena Bhatt
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