aapki nazon ka gar koi ishaara hota | आपकी नज़रों का गर कोई इशारा होता

  - Meena Bhatt
आपकीनज़रोंकागरकोईइशाराहोता
चाँदकोहमनेज़मींपरहीउताराहोता
दूरपरदेसमेंअपनादुलाराहोता
मुफ़लिसीकाअगरघरमेंइज़ाराहोता
पारकरलेतेमुहब्बतकाहरइकदरियाभी
पासअपनेभीअगरकोईशिकाराहोता।
प्यारगरतुमभीकिसीसेमेरेहमदमकरते
हालजोआजहमाराहैतुम्हाराहोता
एकदिनडोलीमेंरुख़्सतभीउसेकरतेतुम
तुमनेगरकोखमेंबेटीकोमाराहोता
बढ़केशायदमैंउसेरोकभीलेताफिरसे
हाथमेंजोतेरेपल्लूकाकिनाराहोता
दाद'मीना'कीग़ज़लकोभीतोहोतीहासिल
ख़ूनसेदिलकेअगरइसकोनिख़ाराहोता
  - Meena Bhatt
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