phool kaliyaan na hon to chaman vyarth hai | फूल कलियाँ न हों तो चमन व्यर्थ है

  - Meena Bhatt
फूलकलियाँहोंतोचमनव्यर्थहै
मनमेंश्रद्धाहोतोभजनव्यर्थहै
होपायामिलनगरसजनसेतेरा
सोचलेफिरयेकंचनबदनव्यर्थहै
अश्कमाँबापकेपोंछसकतानहीं
उनकेमरनेपेसुतकारुदनव्यर्थहै
बनपाईकिशनकीमैंमीराअगर
सारापूजनयेअर्चनभजनव्यर्थहै
सोनेकाहोमहलयाकोईझोपड़ी
शांतिजिस
मेंनहींवोभवनव्यर्थहै
प्रेमअनमोलहैउसकीसीमानहीं
प्रेममेंनफ़रतोंकीचुभनव्यर्थहै
भावकितनेगहनउस
मेंभरलेंमगर
बह्रमेंजबनहींफिरकहनव्यर्थहै
  - Meena Bhatt
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