lagta hai aisa jaise paani se naar guzre | लगता है ऐसा जैसे पानी से नार गुज़रे

  - Meena Bhatt
लगताहैऐसाजैसेपानीसेनारगुज़रे
चट्टानचीरकरजबभीआबशारगुज़रे
इंसानकुछसलीकेबचपनमेंसीखलेगर
क्यूँँज़िंदगीउसकीफिरशानदारगुज़रे
बदलेख़िज़ाँकामौसमआएक़रारकुछतो
काशमेरेदरसेकोईबहारगुज़रे
आएथेपाकदामनपीर-ए-मुगाँकेदरपर
लेकिनयहाँसेहोकरहमदाग़दारगुज़रे
क़तराहोसकाइकप्यासीज़मींकोहासिल
सहरासेयूँँतोबादलकितनीहीबारगुज़रे
हरआँखरोरहीथीहरदिलसिसकरहाथा
काँधोंपेमुझकोलेकरजबमेरेयारगुज़रे
महबूबकीगलीकेदस्तूरकेमुताबिक़
सरकोझुकाएमीनासबताजदारगुज़रे
  - Meena Bhatt
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