gulsitaan apna hamesha hi haraa rakkhenge ham | गुलसिताँ अपना हमेशा ही हरा रक्खेंगे हम

  - Meena Bhatt
गुलसिताँअपनाहमेशाहीहरारक्खेंगेहम
ख़ुशनुमामंज़रसेहर-दमवास्तारक्खेंगेहम
भूलजाएँगेजहाँकोहमयक़ीननएकदिन
मालिक-ए-दुनियासेअपनाराब्तारक्खेंगेहम
दीदकीहसरतहमारेदिलमेंकमहोगीनहीं
तेरीगलियोंमेंक़दमतोबारहारक्खेंगेहम
ज़ब्तकरलेंगेग़मोंकोऔरछिपाकेज़ख़्मभी
हादसोंकेशह्रसेदिलआशनारक्खेंगेहम
ढूँढतेहैंउसकीगलियोंकापतामिलतानहीं
ख़तउसेपहुँचादेऐसाडाकियारक्खेंगेहम
सिर्फ़तेरेनामकोअबतोबनाएँगेरदीफ़
परग़ज़लमेंक़ाफ़ियाहरदमनयारक्खेंगेहम
रात-रानीऔरबेलापरफ़िदादुनियामगर
उसकेजूड़ेकेलिएबसमोगरारक्खेंगेहम
हम-नफ़सदेगीनहींमीनादग़ातुझकोकभी
अपनीग़ज़लोंकेलिएख़ुदआइनारक्खेंगेहम
  - Meena Bhatt
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