gunche ajeeb tar the gul ae tar ajeeb tha | ग़ुंचे अजीब तर थे गुल -ए- तर अजीब था

  - Meena Bhatt
ग़ुंचेअजीबतरथेगुल-ए-तरअजीबथा
आँखेंखुलींतोशह्रकामंज़रअजीबथा
खुशियाँतमामउम्रमुयस्सरहोसकीं
उसनेकआदमीकामुक़द्दरअजीबथा
निकलाथादुश्मनोंकोमिटानेकेवास्ते
अपनोकोमारआयावोलश्करअजीबथा
दुनियाकोजीतनेकीतोचाहतरहीउसे
ख़ुदकोजीतपायासिकन्दरअजीबथा
उसहुस्न-ए-बे-मिसालकेजलवोंकेसामने
रौशनफ़लकपेमाह-ए-मुनव्वरअजीबथा
उसकीहवसनेशह्रकोवीरानकरदिया
मैंनेसुनाहैभीड़कातेवरअजीबथा
ताजिरजहाँग़मोंकाहीमीनाथाहरकोई
ख़ुशियोंकोबाँटतावोसुख़न-वरअजीबथा
  - Meena Bhatt
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