dekh dariyaa hai kinaare ko sanbhaal | देख दरिया है किनारे को सँभाल

  - Mahboob Khizan
देखदरियाहैकिनारेकोसँभाल
येमोहब्बतयेमोहब्बतकाज़वाल
इसज़मानेकोतरसजाएँगेहम
आहयेतिश्नगी-ए-हिज्र-ओ-विसाल
मीठीबातोंसेअदाजागतीहै
नरमआँखोंमेंसँवरतेहैंख़याल
ज़ख़्मबिगड़ेतोबदनकाटकेफेंक
वर्नाकाँटाभीमोहब्बतसेनिकाल
आपकीयादभीजातीहै
इतनीमहरूमनहींबज़्म-ए-ख़याल
ख़तजोआयाहैउन्हींकाहोगा
हाँज़राआजतबीअ'तथीबहाल
हाएफिरफ़स्ल-ए-बहारआई'ख़िज़ाँ'
कभीमरनाकभीजीनाहैमुहाल
  - Mahboob Khizan
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