junoon se khelte hain aagahi se khelte hain | जुनूँ से खेलते हैं आगही से खेलते हैं

  - Mahboob Khizan
जुनूँसेखेलतेहैंआगहीसेखेलतेहैं
यहाँतोअहल-ए-सुख़नआदमीसेखेलतेहैं
निगार-मय-कदासबसेज़ियादाक़ाबिल-ए-रहम
वोतिश्ना-कामहैंजोतिश्नगीसेखेलतेहैं
तमामउम्रयेअफ़्सुर्दगान-ए-महफ़िल-ए-गुल
कलीकोछेड़तेहैंबे-कलीसेखेलतेहैं
फ़राज़-ए-इश्क़नशेब-ए-जहाँसेपहलेथा
किसीसेखेलचुकेहैंकिसीसेखेलतेहैं
नहारहीहैधनकज़िंदगीकेसंगमपर
पुरानेरंगनईरौशनीसेखेलतेहैं
जोखेलजानतेहैंउनकेऔरहैंअंदाज़
बड़ेसुकूनबड़ीसादगीसेखेलतेहैं
'ख़िज़ाँ'कभीतोकहोएकइसतरहकीग़ज़ल
किजैसेराहमेंबच्चेख़ुशीसेखेलतेहैं
  - Mahboob Khizan
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