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Kushal "PARINDA"
bhulaane men jise saari laga dii umr jo maine
bhulaane men jise saari laga dii umr jo maine | भुलाने में जिसे सारी लगा दी उम्र जो मैने
- Kushal "PARINDA"
भुलाने
में
जिसे
सारी
लगा
दी
उम्र
जो
मैने
उसी
के
नाम
पे
आकर
ये
मेरा
दिल
ठहरता
है
- Kushal "PARINDA"
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बनाओ
ताजमहल
के
ब-जाए
ताश
महल
तमाम
उम्र
मुहब्बत
करो
गिराओ
बनाओ
Charagh Sharma
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उम्र
शायद
न
करे
आज
वफ़ा
काटना
है
शब-ए-तन्हाई
का
Altaf Hussain Hali
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खिलाड़ी
देवकीनंदन
के
जैसा
सामने
हो
तो
तजुर्बा
लाख
हो
शकुनी
भी
चौसर
हार
जाते
हैं
shashwat singh darpan
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उम्र
भर
जिसने
न
माँगा
हो
ख़ुदास
कुछ
भी
उस
ने
बस
तुम
से
मोहब्बत
की
दु'आ
माँगी
है
Shadab Asghar
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सुब्ह
होती
है
शाम
होती
है
उम्र
यूँँही
तमाम
होती
है
Munshi Amirullah Tasleem
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मिल
गए
थे
एक
बार
उस
के
जो
मेरे
लब
से
लब
उम्र
भर
होंटों
पे
अपने
मैं
ज़बाँ
फेरा
किया
Jurat Qalandar Bakhsh
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जहाँ
पे
मैंने
तुझे
पहली
बार
देखा
था
वहाँ
पे
फूल
रखे
मैंने,
उम्र
भर
रक्खे
Aslam Rashid
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उम्र
जो
बे-ख़ुदी
में
गुज़री
है
बस
वही
आगही
में
गुज़री
है
Gulzar Dehlvi
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उम्र
भर
कौन
निभाता
है
त'अल्लुक़
इतना
ऐ
मेरी
जान
के
दुश्मन
तुझे
अल्लाह
रक्खे
Ahmad Faraz
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किसी
को
घर
से
निकलते
ही
मिल
गई
मंज़िल
कोई
हमारी
तरह
उम्र
भर
सफ़र
में
रहा
Ahmad Faraz
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परिंदे
डर
से
जाते
हैं
क़फ़स
के
नाम
से
लेकिन
मगर
मैं
वो
जिसे
सारे
क़फ़स
लेकर
के
उड़ना
है
Kushal "PARINDA"
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कभी
ख़ामोश
रहकर
भी
तमाशा
देख
लेता
हूँ
सुकूँ
में
हूँ,
ज़माने
की
हताशा
देख
लेता
हूँ
Kushal "PARINDA"
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जिसने
दिल
तोड़कर
बिखेेरा
है
उसकी
यादों
ने
आ
के
घेरा
है
छोड़
आया
जिसे
तेरी
ख़ातिर
वो
ही
पुरवा
तो
इक
बसेरा
है
तेरी
नज़रों
में
दिल-लगी
होगी
मेरी
नज़रों
में
इश्क़
तेरा
है
साथ
तेरे
थी
ज़िंदगी
रौशन
तेरे
बिन
हर
तरफ़
अँधेरा
है
तेरी
राहों
में
ही
मैं
हूॅं
भटका
पर
ठिकाना
भी
तू
ही
मेरा
है
मैं
परिंदा
मेरे
लिए
पौधा
रात
के
बाद
का
सवेरा
है
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Kushal "PARINDA"
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नहीं
जाना
कभी
उस
घर
जहाँ
इज़्ज़त
नहीं
होती
बिना
माँ-बाप
के
घर
में
कभी
रहमत
नहीं
होती
Kushal "PARINDA"
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अँधेरी
राह
ने
दुनिया
की
मुझको
मोड़
डाला
है
सफ़र
में
ख़ुद
को
ही
मैने
कहीं
पे
छोड़
डाला
है
Kushal "PARINDA"
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