hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Kushal "PARINDA"
parinde dar se jaate hain qafas ke naam se lekin
parinde dar se jaate hain qafas ke naam se lekin | परिंदे डर से जाते हैं क़फ़स के नाम से लेकिन
- Kushal "PARINDA"
परिंदे
डर
से
जाते
हैं
क़फ़स
के
नाम
से
लेकिन
मगर
मैं
वो
जिसे
सारे
क़फ़स
लेकर
के
उड़ना
है
- Kushal "PARINDA"
Download Sher Image
रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
305 Likes
तू
किसी
और
ही
दुनिया
में
मिली
थी
मुझ
सेे
तू
किसी
और
ही
मौसम
की
महक
लाई
थी
डर
रहा
था
कि
कहीं
ज़ख़्म
न
भर
जाएँ
मेरे
और
तू
मुट्ठियाँ
भर-भर
के
नमक
लाई
थी
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
330 Likes
मेरे
ही
संग-ओ-ख़िश्त
से
तामीर-ए-बाम-ओ-दर
मेरे
ही
घर
को
शहर
में
शामिल
कहा
न
जाए
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
22 Likes
इस
दर
का
हो
या
उस
दर
का
हर
पत्थर
पत्थर
है
लेकिन
कुछ
ने
मेरा
सर
फोड़ा
हैं
कुछ
पर
मैं
ने
सर
फोड़ा
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
32 Likes
मैं
बार
बार
तुझे
देखता
हूॅं
इस
डर
से
कि
पिछली
बार
का
देखा
हुआ
ख़राब
न
हो
Shaheen Abbas
Send
Download Image
36 Likes
हम
वो
हैं
जो
नइँ
डरते
वक़्त
के
इम्तिहान
से
वो
परिंदे
और
थे
जो
डर
गए
आसमान
से
Madhav
Send
Download Image
19 Likes
ज़ात
दर
ज़ात
हम
सेफ़र
रहकर
अजनबी
अजनबी
को
भूल
गया
Jaun Elia
Send
Download Image
63 Likes
एक
मुद्दत
से
मिरी
माँ
नहीं
सोई
'ताबिश'
मैं
ने
इक
बार
कहा
था
मुझे
डर
लगता
है
Abbas Tabish
Send
Download Image
41 Likes
हुस्न
ने
शौक़
के
हंगा
में
तो
देखे
थे
बहुत
इश्क़
के
दावा-ए-तक़दीस
से
डर
जाना
था
Read Full
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
26 Likes
तो
क्या
उसको
मैं
होंठों
से
बजाऊँ
तिरे
दर
पे
जो
घंटी
लग
गई
है
चराग़
उसने
मिरे
लौटा
दिए
हैं
अब
उसके
घर
में
बिजली
लग
गई
है
Read Full
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
45 Likes
Read More
वो
तो
सब
बातों
पर
अब
एहसान
जताया
करता
है
ख़ातिर
जिसकी
मैं
ख़ुद
को
आबाद
बताया
करता
था
Kushal "PARINDA"
Send
Download Image
1 Like
अगर
मेहनत
समझनी
हो
तो
सीखो
तुम
किसानों
से
ज़रा
इक
बार
आकर
खेत
में
हल
ख़ेंच
कर
देखो
Kushal "PARINDA"
Send
Download Image
3 Likes
कहीं
पर
दूर
दरिया
के
किनारों
पर
खड़े
हैं
हम
तेरे
दिल
से
निकाले,
दर-बदर
होकर
खड़े
हैं
हम
Kushal "PARINDA"
Send
Download Image
2 Likes
तेरे
आने
न
आने
से
मुझे
क्या
फ़र्क़
पड़ता
है
ज़रा
इक
बार
आकर
देख
मेरे
दिल
कि
धड़कन
को
Kushal "PARINDA"
Send
Download Image
1 Like
अँधेरी
राह
ने
दुनिया
की
मुझको
मोड़
डाला
है
सफ़र
में
ख़ुद
को
ही
मैने
कहीं
पे
छोड़
डाला
है
Kushal "PARINDA"
Send
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Jhooth Shayari
Aitbaar Shayari
Sach Shayari
Death Shayari
Promise Shayari