mohabbat par na bhoolo mohabbat be-kasi hai | मोहब्बत पर न भूलो मोहब्बत बे-कसी है

  - Mahboob Khizan
मोहब्बतपरभूलोमोहब्बतबे-कसीहै
सुकून-ए-सर्व-ओ-सुंबुलसबअपनीसादगीहै
कहाँवोबे-ख़ुदीथीकिख़ुदहमबे-ख़बरथे
अबइतनीबेकलीहैकिदुनियाजानतीहै
कहोमुझसेकिदिलमेंनहींकोईशिकायत
तबीअ'तमंचलीहैबहानेढूँडतीहै
नमकसागुफ़्तुगूमेंअनोखीमुस्कुराहट
बदनपरधीरे-धीरेक़यामतरहीहै
तुझेकैसेदिखाऊँयेरातेंयेउजाले
जवानीसोगईहैमोहब्बतजागतीहै
उसीकाशिकवाहरदमउसीकाज़िक्रसबसे
अगरयेदुश्मनीहैतोअच्छीदुश्मनीहै
थकनहैजाँ-फ़ज़ासीबरसतीहैउदासी
सितारेकहरहेहैंकिमंज़िलगईहै
पलटकरयूँँदेखोउमडतेबादलोंसे
बहार-ए-बे-ख़िज़ाँभीसरकतीचाँदनीहै
  - Mahboob Khizan
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