फ़नाकीसम्तचलाहूँबक़ामैंक्याजानूँ
येकैसीबातहैउसकीरज़ामैंक्याजानूँ
दयार-ए-फ़िक्रपेतारीहैनज़्अ'काआलम
हूँज़िंदालाशज़मींपरदु'आमैंक्याजानूँ
अज़लसेआजतलकबटरहाहूँक़िस्तोंमें
मिलेगीइससेभीबढ़करसज़ामैंक्याजानूँ
हैमेरेदिलमेंभीहसरतकहूँअनल-हक़मैं
नसीबहोगीकबउसकीरज़ामैंक्याजानूँ
हयातरिश्ता-ए-ज़ंजीरमेंहैसिमटीहुई
नजातदेगामुझेकबख़ुदामैंक्याजानूँ
हदोंसेअपनीगुज़रनेकीज़िदपेक़ाएमहै
समझसेबालाहैउसकीअदामैंक्याजानूँ
'असर'मैंसुनतोरहाहूँहवाकीसरगोशी
कहींबदलहीनजाएफ़ज़ामैंक्याजानूँ