utthe na dhuaan aisi fazaa kis ne ha | उट्ठे न धुआँ ऐसी फ़ज़ा किस ने हमें दी

  - M. K. Asar
उट्ठेधुआँऐसीफ़ज़ाकिसनेहमेंदी
इसतरहसुलगनेकीसज़ाकिसनेहमेंदी
इकअहदयहाँपाँवकीमिट्टीमेंदबाहै
अंगारोंपेचलनेकीअदाकिसनेहमेंदी
हमअपनेसमुंदरकेहवादिसमेंघिरेहैं
तूफ़ानमेंसाहिलसेसदाकिसनेहमेंदी
हमलोगतोआज़ादफ़ज़ाओंमेंपलेहैं
फिरक़ैदमेंरहनेकीसज़ाकिसनेहमेंदी
तस्लीमकियेवक़्तउजालोंकाहैलेकिन
नादीदाअँधेरोंकीक़बाकिसनेहमेंदी
मजबूरभड़कनेपेचराग़ोंकीतरहहैं
अबकिससेकहेंऐसीहवाकिसनेहमेंदी
  - M. K. Asar
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