marne ki ada aur hai jeene ki ada aur | मरने की अदा और है जीने की अदा और

  - M. K. Asar
मरनेकीअदाऔरहैजीनेकीअदाऔर
जोचाहूँसमझनाभीतोरोकेहैअनाऔर
कुछसोचकेक़दमोंकोदीहमनेभीजुम्बिश
इल्ज़ामरखजाएकहींफिरसेहवाऔर
तकमीलकीमंज़िलहीमिरीराह-ए-फ़नाहै
क्यूँमुझकोदिखातेहोयहाँराह-ए-बक़ाऔर
जबसेमैंइकाईकाअलमलेकेचलाहूँ
एहसासयेहोताहैजुदाहोनेलगाऔर
येसोचकेकरतानहींतूफ़ाँकातआ'क़ुब
मुमकिनहैबदलजाएज़मानेकीहवाऔर
येकौनसीमंज़िलहैकिमुट्ठीनहींखुलती
हैजबकिमिरेसामनेइककालीबलाऔर
  - M. K. Asar
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