दरबारमेंअबसतवत-ए-शाहीकीअलामत
दरबाँकाअसाहैकिमुसन्निफ़काक़लमहै
आवाराहैफिरकोह-ए-निदापरजोबशारत
तम्हीद-ए-मसर्रतहैकितूल-ए-शब-ए-ग़महै
जिसधज्जीकोगलियोंमेंलिएफिरतेहैंतिफ़्लाँ
येमेरागरेबाँहैकिलश्करकाअलमहै
जिसनूरसेहैशहरकीदीवारदरख़्शाँ
येख़ून-ए-शहीदाँहैकिज़र-ख़ाना-ए-जमहै
हल्क़ाकिएबैठेरहोइकशम्अकोयारो
कुछरौशनीबाक़ीतोहैहर-चंदकिकमहै