hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Jaun Elia
meri har baat be-asar hi rahi
meri har baat be-asar hi rahi | मेरी हर बात बे-असर ही रही
- Jaun Elia
मेरी
हर
बात
बे-असर
ही
रही
नक़्स
है
कुछ
मिरे
बयान
में
क्या
- Jaun Elia
Download Sher Image
वो
अजब
शख़्स
था
हर
हाल
में
ख़ुश
रहता
था
उस
ने
ता-उम्र
किया
हँस
के
सफ़र
बारिश
में
Sahiba sheharyaar
Send
Download Image
34 Likes
ग़ुबार-ए-वक़्त
में
अब
किस
को
खो
रही
हूँ
मैं
ये
बारिशों
का
है
मौसम
कि
रो
रही
हूँ
मैं
Shahnaz Parveen Sahar
Send
Download Image
36 Likes
मेरा
बटुआ
नहीं
होता
है
ख़ाली
तेरी
तस्वीर
की
बरकत
रही
माँ
Satya Prakash Soni
Send
Download Image
29 Likes
निगाहें
फेर
ली
घबरा
के
मैंने
वो
तुम
से
ख़ूब-सूरत
लग
रही
थी
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
122 Likes
मंज़िल
पे
न
पहुँचे
उसे
रस्ता
नहीं
कहते
दो
चार
क़दम
चलने
को
चलना
नहीं
कहते
इक
हम
हैं
कि
ग़ैरों
को
भी
कह
देते
हैं
अपना
इक
तुम
हो
कि
अपनों
को
भी
अपना
नहीं
कहते
कम-हिम्मती
ख़तरा
है
समुंदर
के
सफ़र
में
तूफ़ान
को
हम
दोस्तो
ख़तरा
नहीं
कहते
बन
जाए
अगर
बात
तो
सब
कहते
हैं
क्या
क्या
और
बात
बिगड़
जाए
तो
क्या
क्या
नहीं
कहते
Read Full
Nawaz Deobandi
Download Image
33 Likes
प्यार
करने
की
हिम्मत
नहीं
उनके
पास
और
हम
सेे
किनारा
भी
होता
नहीं
बात
सीधे
कही
भी
नहीं
जा
रही
और
कोई
इशारा
भी
होता
नहीं
उसको
उम्मीद
है
ऐश
होगी
बसर
साथ
में
जब
रहेगी
मिरे
वो
मगर
मुझपे
जितनी
मुहब्बत
बची
है
सखी
इतने
में
तो
गुज़ारा
भी
होता
नहीं
Read Full
Divyansh "Dard" Akbarabadi
Send
Download Image
14 Likes
मेरे
होंठों
के
सब्र
से
पूछो
उसके
हाथों
से
गाल
तक
का
सफ़र
Mehshar Afridi
Send
Download Image
56 Likes
अब
उसकी
शादी
का
क़िस्सा
न
छेड़ो
बस
इतना
कह
दो
कैसी
लग
रही
थी
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
138 Likes
सिवा
इसके
कुछ
अच्छा
ही
नहीं
लगता
है
शामों
में
सफ़र
कैसा
भी
हो
घर
को
परिंदे
लौट
जाते
हैं
Aarush Sarkaar
Send
Download Image
2 Likes
जिसकी
ख़ातिर
कितनी
रातें
सुलगाई
जिसके
दुख
में
दिल
जाने
क्यूँ
रोता
है
इक
दिन
हम
सेे
पूछ
रही
थी
वो
लड़की
प्यार
में
कोई
पागल
कैसे
होता
है
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
40 Likes
Read More
हम
वो
हैं
जो
ख़ुदा
को
भूल
गए
तुम
मेरी
जान
किस
गुमान
में
हो
Jaun Elia
Send
Download Image
561 Likes
बहुत
नज़दीक
आती
जा
रही
हो
बिछड़ने
का
इरादा
कर
लिया
क्या
Jaun Elia
Send
Download Image
53 Likes
हाँ
ठीक
है
मैं
अपनी
अना
का
मरीज़
हूँ
आख़िर
मिरे
मिज़ाज
में
क्यूँँ
दख़्ल
दे
कोई
Jaun Elia
Send
Download Image
52 Likes
काम
की
बात
मैं
ने
की
ही
नहीं
ये
मिरा
तौर-ए-ज़िंदगी
ही
नहीं
ऐ
उमीद
ऐ
उमीद-ए-नौ-मैदां
मुझ
से
मय्यत
तिरी
उठी
ही
नहीं
मैं
जो
था
उस
गली
का
मस्त-ए-ख़िराम
उस
गली
में
मिरी
चली
ही
नहीं
ये
सुना
है
कि
मेरे
कूच
के
बा'द
उस
की
ख़ुश्बू
कहीं
बसी
ही
नहीं
थी
जो
इक
फ़ाख़्ता
उदास
उदास
सुब्ह
वो
शाख़
से
उड़ी
ही
नहीं
मुझ
में
अब
मेरा
जी
नहीं
लगता
और
सितम
ये
कि
मेरा
जी
ही
नहीं
वो
जो
रहती
थी
दिल-मोहल्ले
में
फिर
वो
लड़की
मुझे
मिली
ही
नहीं
जाइए
और
ख़ाक
उड़ाइए
आप
अब
वो
घर
क्या
कि
वो
गली
ही
नहीं
हाए
वो
शौक़
जो
नहीं
था
कभी
हाए
वो
ज़िंदगी
जो
थी
ही
नहीं
Read Full
Jaun Elia
Download Image
14 Likes
शब
जो
हम
से
हुआ
मुआ'फ़
करो
नहीं
पी
थी
बहक
गए
होंगे
Jaun Elia
Send
Download Image
39 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Shikwa Shayari
Duniya Shayari
Zulm Shayari
Khafa Shayari
Naqab Shayari