gul-o-saman ki tarah dil men hañs rahe hain ham | गुल-ओ-समन की तरह दिल में हँस रहे हैं हम

  - Kamal Jafari
गुल-ओ-समनकीतरहदिलमेंहँसरहेहैंहम
येऔरबातब-ज़ाहिरबुझेबुझेहैंहम
कोईभीवाहिमागुमराहकरनहींसकता
तिरेख़यालकीज़ंजीरमेंबंधेहैंहम
कभीतोउलझाकिएकैसेकैसेलोगोंसे
कभीतोऐसेहुआख़ुदसेलड़पड़ेहैंहम
निगार-ख़ानेमेंतस्वीर-ए-ख़स्ता-तरकीतरह
किसीकेसामनेकबसेसजेहुएहैंहम
किएहैंऔरोंपेतन्क़ीद-ओ-तबसरेलेकिन
ख़ुदअपनाजाएज़ाअबतकलेसकेहैंहम
हमेशाआपकोसमझाकिआपअपनेहैं
हमेशाआपनेसमझाकिदूसरेहैंहम
'कमाल'हमसेख़ुशामदकिसीकीहोसकी
इसए'तिबारसेमशहूरसर-फिरेहैंहम
  - Kamal Jafari
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