har aadmi ne tah-e-dil se dii dua tujh ko | हर आदमी ने तह-ए-दिल से दी दु'आ तुझ को

  - Kamal Jafari
हरआदमीनेतह-ए-दिलसेदीदु'आतुझको
तमामशहरसफिरभीरहागिलातुझको
बुरीलगेतोलगेइसमेंक्याख़तामेरी
जोबातकहनीथीकहदीवोबरमलातुझको
जानेकौनसीउसमेंथीमस्लहतपिन्हाँ
किसचभीकहनेसेआनेलगीहयातुझको
अभीतोज़ुल्मकोइकफ़नसमझरहाहैमगर
कभीतोज़ुल्मकीदेगाख़ुदासज़ातुझको
तूबंदरहताहैदिनरातअपनेकमरेमें
तोरासआएगीक्याशहरकीफ़ज़ातुझको
तूकोर-ज़ौक़हैकोईपयामलेसका
पुकारतीरहीगुलशनमेंयूँँसबातुझको
'कमाल'परतूसितमढारहाहैबरसोंसे
मगरवोआजभीकहताहैबा-वफ़ातुझको
  - Kamal Jafari
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy