awaaz apne dil ki hooñ baang-e-dara nahin | आवाज़ अपने दिल की हूँ बाँग-ए-दरा नहीं

  - Kamal Jafari
आवाज़अपनेदिलकीहूँबाँग-ए-दरानहीं
आएमेरेपासजोदर्दआश्नानहीं
ग़ैरोंसेभीनिबाहतुम्हाराहोसका
क्याअबभीयेकहोगेकितुमबे-वफ़ानहीं
चेहरोंपेइख़्तिलाफ़सदाओंमेंइंतिशार
इसशहर-ए-संग-दिलमेंकोईहम-नवानहीं
यूँँगुमरहीमेंआजहैहरशख़्समुब्तला
जैसेज़मानेभरमेंकोईरहनुमानहीं
मंज़िलकिधरहैऔरकिधररास्ता'कमाल'
वोक्याबताएजिसकोख़ुदअपनापतानहीं
  - Kamal Jafari
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