jahaan saansen nahin chaltiin vahaañ kya chal raha hai | जहाँ साँसें नहीं चलतीं वहाँ क्या चल रहा है

  - Kabeer Athar
जहाँसाँसेंनहींचलतींवहाँक्याचलरहाहै
बहिश्त-ए-ख़ाकमेंरफ़्तगाँक्याचलरहाहै
पुरानेदुखनएकपड़ेपहनकरगएहैं
येअपनेशहरमेंआज़ुर्दगाँक्याचलरहाहै
येजिनकेअश्कमेरीजानकोआएहुएहैं
मैंउनसेपूछबैठाथामियाँक्याचलरहाहै
हमाराभूकनेमुँहभरदियाहैगालियोंसे
तुम्हारेबद-नसीबोंकेयहाँक्याचलरहाहै
हैंअश्कोंकेनिशानेपरमुसलसलदुखहमारे
येचालेंहमसेअंदोह-ए-जहाँक्याचलरहाहै
नदामतसेमैंअपनामुँहछुपाताफिररहाहूँ
येमेरेदोस्तोंकेदरमियाँक्याचलरहाहै
यहाँहररोज़होंटोंकेगिनेजातेहैंटाँके
तुम्हारेशहरमेंशो'ला-बयाँक्याचलरहाहै
चलाकरगोलियाँमुझपरपरिंदोंकोबताओ
जहाँपिंजरेनहींबनतेवहाँक्याचलरहाहै
तोफिरक़ाबूकियाहैहिज्रकिसजादूसेतुमने
उदासीगरनहींअफ्सुर्दा-गाँक्याचलरहाहै
हमारेरहबरोंकोजानकेलालेपड़ेहैं
तुम्हारेरहबरोंमेंगुमरहाँक्याचलरहाहै
  - Kabeer Athar
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