अ'र्ज़-ए-अलमब-तर्ज़-ए-तमाशाभीचाहिए
दुनियाकोहालहीनहींहुलियाभीचाहिए
ऐदिलकिसीभीतरहमुझेदस्तियाबकर
जितनाभीचाहिएउसेजैसाभीचाहिए
दुखऐसाचाहिएकिमुसलसलरहेमुझे
औरउसकेसाथसाथअनोखाभीचाहिए
इकज़ख़्ममुझकोचाहिएमेरेमिज़ाजका
या'नीहराभीचाहिएगहराभीचाहिए
इकऐसावस्फ़चाहिएजोसिर्फ़मुझमेंहो
औरउसमेंफिरमुझेयद-ए-तूलाभीचाहिए
रब्ब-ए-सुख़नमुझेतिरीयकताईकीक़सम
अबकोईसुनकेबोलनेवालाभीचाहिए
क्याहैजोहोगयाहूँमैंथोड़ाबहुतख़राब
थोड़ाबहुतख़राबतोहोनाभीचाहिए
हँसनेकोसिर्फ़होंटहीकाफ़ीनहींरहे
'जव्वाद-शैख़'अबतोकलेजाभीचाहिए