aariz ashkon se tire tar nahin dekhe jaate | आरिज़ अश्कों से तिरे तर नहीं देखे जाते

  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
आरिज़अश्कोंसेतिरेतरनहींदेखेजाते
ख़ाकमेंरूलतेयेगौहरनहींदेखेजाते
देखसकताहूँज़मानेकीबदलतीनज़रें
तेरेबदलेहुएतेवरनहींदेखेजाते
आइनाभीरुख़-ए-रौशनकेमुक़ाबिलरहे
हमसेकोईतिरेहम-सरनहींदेखेजाते
दिलकेसागरमेंजोहरशाम-ओ-सहरउठतेहैं
वोतलातुमकभीबाहरनहींदेखेजाते
मुस्कुरातेहुएचेहरेपेनज़रसबकीपड़ी
ज़ख़्मदिलकेमगरअक्सरनहींदेखेजाते
हुस्नकेजल्वेजोदेखेतिरेदीवानेने
होशवालोंसेवोअक्सरनहींदेखेजाते
क़द्रकरक़द्रमिरेज़ौक़-ए-नज़रकीसाक़ी
सबहसींयूँँतोमुकर्ररनहींदेखेजाते
मै-कदाअपनाहैऔरबादा-ओ-साक़ीअपने
ग़ैरकेहाथमेंसाग़रनहींदेखेजाते
येहसींवादी-ओ-दरियागुल-ओ-गुलज़ार'हबीब'
बिनतिरेमुझसेयेमंज़रनहींदेखेजाते
  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
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