shikwa nahin gilaa nahin rabt koi bahm nahin | शिकवा नहीं गिला नहीं रब्त कोई बहम नहीं

  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
शिकवानहींगिलानहींरब्तकोईबहमनहीं
रस्म-ए-सलामक्याजहाँपुर्सिश-ए-हाल-ए-ग़मनहीं
गोकिनहींनिगाहमेंदिलसेनहींहोदूरतुम
दीदा-ए-दिलकेवास्तेफ़ासलाबेश-ओ-कमनहीं
बज़्मसेआपक्यागएरौनक़-ए-बज़्मलेगए
अबवोसुरूर-ए-दिलकहाँआपगएतोहमनहीं
आपकीयादगईदिलपेख़ुशीसीछागई
अबमुझेग़मसेवास्ताअबमुझेकोईग़मनहीं
पहलासावोकरमकहाँलुत्फ़कीवोनज़रकहाँ
हैयेसितमकीइंतिहाकोईनयासितमनहीं
उसकीनिगाह-ए-मस्तकाअबभीख़ुमारहैमगर
साक़ी-ए-दिल-नवाज़कापहलासावोकरमनहीं
दामनइधरहैतारताररुख़पेनहींउधरनक़ाबइश्क़अगरहैबे-वक़ारहुस्नकाभीभरमनहीं
मंज़िल-ए-ज़िंदगीपूछसिर्फ़सफ़रहैज़िंदगी
पाँवउठाक़दमबढ़ाहोशसँभालथमनहीं
देखकरउनकेइल्तिफ़ातरहगईदिलकीदिलमेंबात
होशगयाजोवोगएआएतोदममेंदमनहीं
मिन्नतेंशैख़-ओ-बरहमनकीजिएकिसलिए'हबीब'
दिलहैमिरीनिगाहमेंदैरनहींहरमनहीं
  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
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