har aane jaane waale ka munh dekhta raha | हर आने जाने वाले का मुँह देखता रहा

  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
हरआनेजानेवालेकामुँहदेखतारहा
मैंरहगुज़रपेज़ीस्तकीतन्हाखड़ारहा
इसज़िंदगीनेज़ख़्मदिएबारहामगर
जानेहरएकज़ख़्मकोक्यूँचूमतारहा
छोड़ाहैआंधियोंनेबाक़ीनिशान-ए-राह
फिरभीमैंतेरानक़्श-ए-क़दमढूँढतारहा
तन्हानहींरहाहूँमैंतेरेफ़िराक़में
दिलपरतेरेहीदर्दकापहरालगारहा
दिनकोतोसिलसिलेथेग़म-ए-रोज़गारके
शबभरतिरेख़यालकाताँतालगारहा
याद-ए-'हबीब'थीकिधुंधलकोंमेंखोगई
दिलमेंसिवाएख़ाककेबाक़ीभीक्यारहा
  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
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