umeed-e-deed kaam aa.e na aa.e | उमीद-ए-दीद काम आए न आए

  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
उमीद-ए-दीदकामआएआए
सहरआईहैशामआएआए
मुयस्सरहैनिगाह-ए-लुत्फ़-ए-साक़ी
हमेंक्यादौर-ए-जामआएआए
शराबआँखोंहीआँखोंमेंपीलूँ
मिरेलबतकवोजामआएआए
सबाकरतीतोहैकोशिशबराबर
तिरातर्ज़-ए-ख़िरामआएआए
कलीचटकीपहुँचजाएगीबुलबुल
सबालेकरपयामआएआए
मिरेदिलमेंहैउसकालुत्फ़-ए-गुफ़्तार
बुत-ए-शीरीं-कलामआएआए
सरापापैकर-ए-तस्लीमहूँमैं
कभीउनकासलामआएआए
उन्हेंआतीहैमेरीयादअबभी
ज़बाँपरमेरानामआएआए
बनालेजावेदाँउल्फ़तसेइसको
कभीफिरऐसीशामआएआए
मैंराहीहूँहैचलनाकाममेरा
कोईदिलकशमक़ामआएआए
निगाहेंउनकीसबकुछकहगईहैं
कोईलेकरपयामआएआए
'हबीब'अहल-ए-ज़बाँसेहम-सुख़नहूँ
वोअंदाज़-ए-कलामआएआए
  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
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