kabhi taveel kabhi mukhtasar bhi hoti hai | कभी तवील कभी मुख़्तसर भी होती है

  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
कभीतवीलकभीमुख़्तसरभीहोतीहै
हरएकरातकीलेकिनसहरभीहोतीहै
मुझेअज़लसेमिलाएकतोमिज़ाज-ए-जुनूँ
औरइकअदातिरीदीवाना-गरभीहोतीहै
निगाह-ए-यारनेक्याक्याखिलादिएहैंगुल
वहीरुलातीवहीचारा-गरभीहोतीहै
इताब-ए-दोस्तभीक्यूँकरअज़ीज़होमुझे
करमकीउसमेंछुपीइकनज़रभीहोतीहै
'हबीब'आँखसेटपकीहुईयेअश्ककीबूँद
जिगरकाख़ूनकभीयेगुहरभीहोतीहै
  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy