tumhaari aarzoo tum se kahii badh kar haseen nikli | तुम्हारी आरज़ू तुम से कहीं बढ़ कर हसीं निकली

  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
तुम्हारीआरज़ूतुमसेकहींबढ़करहसींनिकली
किदुनियाकीहरइकशयसेयहीदिलकेक़रींनिकली
मैंसमझायादभीतर्क-ए-तअ'ल्लुक़परतोआएगी
मगरजबदिलटटोलाहैवहींयेजागुज़ीँनिकली
अभीकुछऔरभीखेलोमिरेचाहतभरेदिलसे
अभीभीज़ख़्मकमकमहैंअभीहसरतनहींनिकली
सर-ए-महफ़िलकियारुस्वामुझेतेरीमोहब्बतने
झुकीजोनामपरतेरेवोमेरीहीजबींनिकली
निगाहोंनेतुझेढूँडातुझेदिलसेपुकाराहै
नज़रआईजोसूरतवोसूरतदिल-नशींनिकली
हैदोहीदिनकीउम्र-ए-गुलमगरज़िंदा-दिलीदेखो
तबस्सुमलबपेरक़्साँहैफ़ज़ाहरगिज़नहींनिकली
जहाँपरसरहदेंदैर-ओ-हरमकीख़त्महोतीहैं
वहींपरनूर-ए-ईमाँहैवहींराह-ए-यक़ींनिकली
हमारीज़िंदगीदरियाकीमौज-ए-मुज़्तरिबसीहै
कहींउभरीकहींमचलीकहींडूबीकहींनिकली
उठाकरतीहैंमौजोंकीतरहहीहसरतेंदिलमें
नईकितनीउभरआएँजोइकहसरतकहींनिकली
शब-ए-फ़ुर्क़त'हबीब'अपनाकोईकामकानिकला
आँसूबा-असरनिकलेआह-ए-आतिशींनिकली
  - JaiKrishn Chaudhry Habeeb
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