koi habeeb koi meherbaan to hai hi nahin | कोई हबीब कोई मेहरबाँ तो है ही नहीं

  - Jagjit Kafir
कोईहबीबकोईमेहरबाँतोहैहीनहीं
हमारेसरपेकोईआसमाँतोहैहीनहीं
जोएकअक्स-ए-हक़ीक़तहैटूटजाएअगर
पताचलेकिजहाँमेंजहाँतोहैहीनहीं
मैंएकउम्रसेरबकीतलाशकरताहूँ
जहाँपेउसकानिशाँथावहाँतोहैहीनहीं
हरएकज़ुल्मकोचुप-चापसहरहेहैंसभी
मुआ'शरेमेंकोईबा-ज़बाँतोहैहीनहीं
येअश्क-ए-ग़मकाफ़सानासुनाकेमानेगा
किसीभीतौरमिराराज़दाँतोहैहीनहीं
करोगेइश्क़तोजानोगेग़ैबको'काफ़िर'
हरएकराज़हैज़ाहिरनिहाँतोहैहीनहीं
  - Jagjit Kafir
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