bade yaqeen se koi is intizaar men hai | बड़े यक़ीन से कोई इस इंतिज़ार में है

  - Jagjit Kafir
बड़ेयक़ीनसेकोईइसइंतिज़ारमेंहै
तिराविसालकावा'दाइसीबहारमेंहै
कुछऔरवक़्तलगेगाज़रातोसब्रकरो
जोतिश्नगीकामसीहाहैरेगज़ारमेंहै
मैंअपनेदिलकोबचाऊँतोकिसतरहजानाँ
कहाँबचेगाजोतेरीनज़रकीमारमेंहै
हरएकशयहैमेरीजुस्तुजूकेपहलूमें
मेरीहयातमिरेहीतोइख़्तियारमेंहै
मिरासवालहैअबमो'जिज़ोंकेहोनेपर
येख़ाकअबभीशरारोंकेइंतिज़ारमेंहै
बसएकलफ़्ज़नेतारीकियाथावज्दकोई
येकाएनातअभीभीउसीख़ुमारमेंहै
कोईतोपूछकेआएमक़ाम'काफ़िर'का
सुख़नवरोंकेक़बीलेमेंकिसशुमारमेंहै
  - Jagjit Kafir
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