tira khayal mujhe is tarah pukaarta hai | तिरा ख़याल मुझे इस तरह पुकारता है

  - Jagdish Prakash
तिराख़यालमुझेइसतरहपुकारताहै
किमंदिरोंमेंकोईआरतीउतारताहै
हिलोरेंलेतीहैकुछइसतरहतिरीयादें
नदीमेंजैसेकोईकश्तियाँउतारताहै
ख़मोशियोंकेबिछौनेपेशबकेपिछलेपहर
तिराख़यालनईआरज़ूउभारताहै
तिरीवफ़ाओंकेमौसमबदलतेरहतेहैं
मिरीवफ़ाकाचमनबसतुझेनिहारताहै
कुछआहटेंसीकहींहोरहीहैंदिलकेक़रीब
कोईतोहैजोमिरीबज़्म-ए-जाँसँवारताहै
मुझेतोअपनेअक़ीदोंकीपुख़्तगीहैअज़ीज़
नहींयेख़ौफ़कोईसरमिराउतारताहै
  - Jagdish Prakash
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