baat ki baat rahe baat ka mafhoom rahe | बात की बात रहे बात का मफ़्हूम रहे

  - Jagdish Prakash
बातकीबातरहेबातकामफ़्हूमरहे
औरतख़य्युलमिराताज़ारहेमा'सूमरहे
हरनईसोचकोमज़मूनबनालूँगामगर
मेराकिरदारमिरीज़ातसेमौसूमरहे
मेरीपहचानकेसबलोगजुदाहोतेगए
जोबचेमेरीतरहबेबस-ओ-मज़लूमरहे
आजतकबनतेरहेहैंजोहमारेज़ामिन
उनसेहमहाथमिलानेसेभीमहरूमरहे
अबतोबसख़ुदहीसुनाकरतेहैंअपनीआवाज़
आपकेक़दमोंकीआहटसेभीमहरूमरहे
  - Jagdish Prakash
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