pila ai giroh-e-sukhanvaran koi sher-e-tar gul-e-taaza ras | पिला ऐ गिरोह-ए-सुख़नवराँ कोई शेर-ए-तर गुल-ए-ताज़ा रस

  - Jafar Tahir
पिलागिरोह-ए-सुख़नवराँकोईशेर-ए-तरगुल-ए-ताज़ारस
येबहारमेंभीख़मोशियाँसर-ए-जुनूँपएहवस
येहैमय-कदाजोबढ़ाकेहाथउठालेजामउसीकाहै
यहाँपेकाविश-ए-बेश-ओ-कमयहाँपेतोहमत-ए-पेश-ओ-पस
शरर-ए-तबीअत-ए-आशिक़ाँसबब-ए-तजल्ली-ए-गुलसिताँ
येहिना-ए-शौक़शफ़क़शफ़क़येमय-ए-नशातनफ़सनफ़स
हैसियाह-पोशनज़रनज़रहैनफ़सनफ़सनएनाला-गर
वहीतीरा-बख़्ती-ए-अहल-ए-दिलवहीज़ुल्मत-ए-शब-ए-तार-ओ-बस
तह-ए-तार-ए-किसवत-ए-अन्कबूतयेताइरान-ए-तरब-नवा
सरतख़्त-ए-फ़र्क़-ए-हुमाहुमाब-सदआफ़ियतहैमगसमगस
येकमाँ-कशान-ए-ज़ह-ए-ग़ुरूरफिरेंहैंकिसकीतलाशमें
वोजोबाग़-ए-जाँकीबहारथेवोबसाचुकेहैंक़फ़सक़फ़स
येफ़ज़ा-ए-दश्तशऊर-ए-बाग़-ए-निशात-ओ-ख़ुल्द-ए-सुरूरहै
सुख़नकीहरज़ह-ख़रोशियाँलब-ए-सदादम-ए-जरस
अभीफूलफूलहैजाँ-ब-लबयेतप-ए-बलातपिशग़ज़ब
अभीखुलकेअब्र-ए-करमबरसअभीऔरखुलकेबरसबरस
कभीइसतरफ़भीगुज़रकरोकभीइसतरफ़भीनज़रकरो
मैंफ़क़ीर-ए-गुल-कदा-ए-वफ़ामिरेबर्ग-ए-साज़येख़ार-ओ-ख़स
  - Jafar Tahir
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy