aaj kisi ki yaad men ham jee bhar kar roye dhoya ghar | आज किसी की याद में हम जी भर कर रोए धोया घर

  - Jafar Baluch
आजकिसीकीयादमेंहमजीभरकररोएधोयाघर
आजहमाराघरलगताहैकैसाउजलाउजलाघर
अपनेआएँसरआँखोंपरग़ैरकीयेबैठकबने
घरआसेबकाबनजाएगावर्नाहँसता-बस्ताघर
घरकोजबहमझाड़ें-पोछेंरहतेहैंमोहतातबहुत
गर्द-आलूदनहींहोनेदेतेहमहम-साएकाघर
तुमनेकड़ियाँझेलींऔरग़ैरोंकेघरआबादकिए
राहतुम्हारीतकताहैआबाईसूनासूनाघर
जोआरामहैअपनेघरमेंऔरकहाँमिलसकताहै
टूटा-फूटाभीहोतोभीअपनाघरहैअपनाघर
इकअनजानेडरनेनींदउचकलीसबकीआँखोंसे
कितनीहीरातोंसेमुसलसलबे-आरामहैघरकाघर
मेरीरूहबिरोगनरहरहकरचिल्लातीरहतीहै
मेराघरमेराप्याराघरमेराप्याराप्याराघर
आवारागर्दीकेसबबवोदिन-भरतोमतऊनरहा
जबसूरजमग़रिबमेंडूबा'जाफ़र'भीजापहुँचाघर
  - Jafar Baluch
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