agarche aah-e-sar-e-shaam bhi zaroori hai | अगरचे आह-ए-सर-ए-शाम भी ज़रूरी है

  - Jafar Baluch
अगरचेआह-ए-सर-ए-शामभीज़रूरीहै
दिल-ए-सितम-ज़दाआरामभीज़रूरीहै
सितम-शिआ'रकीतफ़रीह-ए-सामेआ'केलिए
ख़रोश-ए-मुर्ग़-ए-तह-ए-दामभीज़रूरीहै
ज़िया-ए-किरमक-ए-शब-ताबहीनहींकाफ़ी
सितारा-ए-सहर-अंजामभीज़रूरीहै
गिराँ-बहाहैमबाहिसकीशबनम-आगीनी
अगरचेबुर्रिश-ए-समसामभीज़रूरीहै
बड़ीहैबाततोमुँहभीबड़ामुहय्याकर
फिरइसकेसाथबड़ानामभीज़रूरीहै
सुकूतगुलकाअगरना-गुज़ीरहै'जाफ़र'
तोअंदलीबकाकोहरामभीज़रूरीहै
  - Jafar Baluch
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