vo shaKHs meri rasai se maavra bhi na tha | वो शख़्स मेरी रसाई से मावरा भी न था

  - Jafar Baluch
वोशख़्समेरीरसाईसेमावराभीथा
बशरभीख़ैरहोगामगरख़ुदाभीथा
कहाशुऊ'रनेउसवक़्तहर्फ़-ए-क़ुममुझसे
किला-शुऊ'रजगानेसेजागताभीथा
अजबथीसाअ'त-ए-आग़ाज़-ए-गुलसिताँ-बंदी
नवेद-ए-गुलभीथीमुज़्दा-ए-सबाभीथा
वोइब्तिदा-ए-सफ़रअबभीयादआतीहै
किसीमेंमेरीरिफ़ाक़तकाहौसलाभीथा
ग़लत-नुमा-ओ-ग़लत-बींहैंबाज़आईने
इसए'तिराज़कोनक़्क़ादमानताभीथा
शहीद-ए-ज़ौक़-ए-तग़ज़्ज़ुलथाकम-सुख़न'जाफ़र'
ग़ज़लकीबातचलतीतोबोलताभीथा
  - Jafar Baluch
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