teri aankhoñ ki chamak bas aur ik pal hai abhii | तेरी आँखों की चमक बस और इक पल है अभी

  - Iftikhar Naseem
तेरीआँखोंकीचमकबसऔरइकपलहैअभी
देखलेइसचाँदकोकुछदूरबादलहैअभी
आँखतोख़ुदकोनएचेहरोंमेंखोकररहगई
दिलमगरउसशख़्सकेजानेसेबोझलहैअभी
अबतलकचेहरेपेहैंतूफ़ाँगुज़रनेकेनिशाँ
तहमेंपत्थरजाचुकापानीपेहलचलहैअभी
तूतोउनकाभीगिलाकरताहैजोतेरेथे
तूनेदेखाहीनहींकुछभीतूपागलहैअभी
करगयासूरजमुझेतन्हाकहाँलाकर'नसीम'
क्याकरूँँमैंरास्तेमेंशबकाजंगलहैअभी
  - Iftikhar Naseem
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy