hosh baaki na raha haath se eimaan gaya | होश बाक़ी न रहा हाथ से ईमान गया

  - Haidar Husain Fiza Lucknowi
होशबाक़ीरहाहाथसेईमानगया
जोगयाबज़्मसेतेरीवोपरेशानगया
उनसेदिलमिलगयाउल्फ़तकामज़ाजानगया
वोमुझेअच्छीतरहमैंउन्हेंपहचानगया
जिनकेदमसेथीबहारउठगएवोअहल-ए-चमन
दिलकेबहलानेकाअबआख़िरीसामानगया
आरज़ूदीदकीपूरीहुईता-दम-ए-मर्ग
तेरा'आशिक़तिरेकूचेसेपुर-अरमानगया
हमतड़पतेरहेऔरआपनेपूछाभीनहीं
क़स्मेंक्याहोगईंवोसबकहाँअरमानगया
ऐसानाराज़हुआख़्वाबमेंभीआतानहीं
बातकरनेकाभीउसबुतसेअबइम्कानगया
सरतिरीनज़्रकियाहोगईतकमील-ए-वफ़ा
सितमगरमिरेसरसेतिराएहसानगया
ज़ेर-ए-तुर्बतभीतड़पतीरहीमेरीमय्यत
दिलसेमेरेतिरेइश्क़कातूफ़ानगया
पाँवशलहोगएलेकिनपतातेरामिला
जुस्तुजूमेंतिरीमैंता-हद-ए-इम्कानगया
ज़िक्रवा'देकाज़बाँपरजो'फ़ज़ा'कीआया
बातइतनीसीथीलेकिनवोबुरामानगया
  - Haidar Husain Fiza Lucknowi
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