be-rukhi ne us ki mujh ko kar diya mehfil se door | बे-रुख़ी ने उस की मुझ को कर दिया महफ़िल से दूर

  - Haidar Husain Fiza Lucknowi
बे-रुख़ीनेउसकीमुझकोकरदियामहफ़िलसेदूर
वोहमारेदिलमेंहैऔरहमहैंउसकेदिलसेदूर
उमडेतूफ़ानोंमेंभीहैकश्ती-ए-उल्फ़तरवाँ
हमकभीनज़दीकहोतेहैंकभीसाहिलसेदूर
इश्क़कीवादीकोतयकरनाकोईआसाँनहीं
गामज़नपैहमरहेफिरभीरहेमंज़िलसेदूर
टुकड़ेटुकड़ेकरकेरखदेतेहैंख़ंजरकीतरह
दिलजिगरलोगोंरखनाअबरू-ए-क़ातिलसेदूर
बहर-ए-उल्फ़तकाकिनाराअहल-ए-दिलनापैदहै
जिसकोसाहिलसमझेहोवोमौजहैसाहिलसेदूर
नित-नईदुश्वारियाँराह-ए-वफ़ामेंसहकेहम
चलतेचलतेथकगएजबफिरथेमंज़िलसेदूर
कहताहैबे-अक़्लनासेहइश्क़कोदीवानगीइश्क़केदीवानोरहनानामकेआक़िलसेदूर
रक़्स-ए-बिस्मिलकातमाशातोकियाहोताहुज़ूर
करकेबिस्मिलहोगएकिसवास्तेबिस्मिलसेदूर
वोमोहब्बतकरनेवालेदिलजोमिलतेहैंकभी
लाखदुनियाचाहेहोतेहैंबड़ीमुश्किलसेदूर
गरमसीहाहोतेकरतेज़ख़्म-ए-दिलकाकुछइलाज
औरज़ख़्मीकरकेवोतोहोगएघाइलसेदूर
आस्तान-ए-यारपरपहूँचातलबजिसदिलमेंथी
दामन-ए-महबूबरहताहैसदाग़ाफ़िलसेदूर
दिल'फ़ज़ा'काबुझगयाअंधेरदुनियाहोगई
होगयाजिसरोज़सेवोउसमह-ए-कामिलसेदूर
  - Haidar Husain Fiza Lucknowi
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