kathin haalaat men apne iraadon ko jawaan rakhna | कठिन हालात में अपने इरादों को जवाँ रखना

  - Hafeez Shahid
कठिनहालातमेंअपनेइरादोंकोजवाँरखना
हमेंआताहैदिलमेंशो'ला-ए-ग़मकोनिहाँरखना
अकेलेघरमेंकैसेवक़्तकाटोगेतन-ए-तन्हा
कोईतस्वीरलटकाकरसर-ए-दीवार-ए-जाँरखना
हमारीफ़िक्रतुमछोड़ोहमेंयेकामआताहै
अँधेरोंमेंबसरकरनानज़रमेंकहकशाँरखना
अजलऔरज़िंदगीकीदोस्तीइकहर्फ़-ए-बातिलहै
बहुतदुश्वारहैपानीपेबुनियाद-ए-मकाँरखना
चमनपरएकदिनफ़स्ल-ए-ख़िज़ाँकाराजभीहोगा
अबसहैदिलमेंअरमान-ए-बहार-ए-जावेदाँरखना
जानेइसमेंपोशीदाहैंउसकीहिकमतेंक्याक्या
हमेशागर्दिशोंमेंयेज़मीन-ओ-आसमाँरखना
कहाँआसानहैअहल-ए-सुख़नकीभीड़में'शाहिद'
जुदाऔरोंसेअपनातर्ज़-ए-गुफ़्तार-ओ-बयाँरखना
  - Hafeez Shahid
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