bigad jaate the sun kar yaad hai kuchh vo zamaana bhi | बिगड़ जाते थे सुन कर याद है कुछ वो ज़माना भी

  - Hafeez Jaunpuri
बिगड़जातेथेसुनकरयादहैकुछवोज़मानाभी
कोईकरताथाजबमेरीशिकायतग़ाएबानाभी
वोजिसपरमेहरबाँहोतेहैंदुनियाउसकीहोतीहै
नज़रउनकीपलटतेहीपलटताहैज़मानाभी
सुनाकरताहूँता'नेहिज्रमेंक्याक्यारक़ीबोंके
बनाहूँइसमोहब्बतमेंमलामतकानिशानाभी
यहाँभीफ़र्ज़हैज़ाहिदअदबसेसरझुकालेना
मिरेनज़दीकका'बाहैकिसीकाआस्तानाभी
फ़रेब-ए-दाममेंलाईहैकुछसय्यादकीख़ातिर
क़फ़समेंखींचकरलायाहमेंकुछआब-ओ-दानाभी
जलाकरदिलमिरासय्यादकाठंडाकलेजाकर
कहींबर्क़जल्दीफूँकमेराआशियानाभी
बिगड़तेदेरहोतीहैबनतेदेरहोतीहै
मिज़ाज-ए-यारसेकुछमिलता-जुलताहैज़मानाभी
हसींपढ़करग़ज़लमेरीमिरेमुश्ताक़होतेहैं
मुसख़्ख़रदिलकोकरताहैकलाम-ए-आशिक़ानाभी
भूलेगीहफ़ीज़अहबाबकोयेसरगुज़िश्तअपनी
जहाँमेंयादरहजाएगाकुछअपनाफ़सानाभी
  - Hafeez Jaunpuri
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