shab-e-wasl hai bahs hujjat abas | शब-ए-वस्ल है बहस हुज्जत अबस

  - Hafeez Jaunpuri
शब-ए-वस्लहैबहसहुज्जतअबस
येशिकवेअबसयेशिकायतअबस
हुआउनकोकबए'तिमाद-ए-वफ़ा
जतातेरहेहममोहब्बतअबस
यहाँअबतोकुछऔरसामानहै
वोआतेहैंबहर-अयादतअबस
नसीबोंसेअपनेहैशिकवाहमें
करेंक्यूँँकिसीकीशिकायतअबस
मिराहालसुनकरवोहैंबे-क़रार
कियाकिसनेज़िक्र-ए-मोहब्बतअबस
फ़लकमर-मिटोंसेरखयेग़ुबार
मिटाबे-कसोंकीतुर्बतअबस
सुनूँगातिरीहोशमेंतोलूँ
अभीसेहैनासेहनसीहतअबस
येपर्दाहसीनोंकोलाज़िमथा
छुपातीहैंयेअच्छीसूरतअबस
वोपहलेसुलूकआपकेयादहैं
मिरेहालपरअबइनायतअबस
तकल्लुफ़मेंफिरवोकहाँसादगी
येआराइश-ए-हुस्न-ओ-ज़ीनतअबस
'हफ़ीज़'इसज़मींमेंकहोशे'रकम
दिखाओज़ोर-ए-तबीअतअबस
  - Hafeez Jaunpuri
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