aañkhen moonde sab kuchh bhule kab se yoonhi baithe hain | आँखें मूँदे सब कुछ भूले कब से यूँँही बैठे हैं

  - Hafeez Betab
आँखेंमूँदेसबकुछभूलेकबसेयूँँहीबैठेहैं
पलकोंपेकुछख़्वाबसजाएजागेजागेसोएहैं
किससेक्यारिश्ताथामेराअबतोयेभीयादनहीं
रेज़ा-रेज़ाआईनाहैबिखरेबिखरेचेहरेहैं
अपनेघरकीवीरानीकाहमकिससेक्याहालकहें
सूनासूनादरवाज़ाहैख़ालीख़ालीकमरेहैं
तन्हाईकेअँधियारेमेंयादोंकीमौहूमकिरन
जैसेरातकीपेशानीपरझिलमिलझिलमिलतारेहैं
तुमसेक्याबतलाएँदिलकाआलमक्याहोजाताहै
बीतेमौसमकीयादोंकेआँचलजबलहरातेहैं
अबकेबरसभीसावनकरयूँँहीबीतगयाआख़िर
जलतेहैंहमअंदरअंदरआसकेपंछीप्यासेहैं
वक़्तकीभट्टीमेंतपतपकरहमनेयेजाना'बेताब'
सच्चाहैइकदर्दकारिश्ताबाक़ीरिश्तेझूटेहैं
  - Hafeez Betab
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