vahaañ har aadmi chakra gaya hai | वहाँ हर आदमी चकरा गया है

  - Ghayur Jafari
वहाँहरआदमीचकरागयाहै
जहाँसेरास्ताबलखागयाहै
कोईइकपलमेंग़ाएबहोचुकाहै
किसीकोदेरतकसोचागयाहै
कहींपुर-शोरआवाज़ोंकाजंगल
कहींता-दूरसन्नाटागयाहै
अबइतनातोहवाओंमेंफेंको
कभीपत्थरभीवापसगयाहै
हैज़िक्रअपनीहीशोरीदा-सरीका
किआख़िरआजउसेहोक्यागयाहै
बरहनाथामिरीआँखोंमेंकोई
पड़ीअपनीनज़रशर्मागयाहै
  - Ghayur Jafari
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